Sunday, 8 December 2013

पुराना मोहल्ला

कुछ ऐसा है हमारी भाबो का पुराना मोहल्ला ।
मंदिरों में मंत्र उच्चारण और भजन कीर्तन से पूरे मोहल्ले का वातावरण बहुत ही शालीन महसूस हो रहा है। लोग मंदिरों में अपनी-अपनी पूजा की थाली के साथ आ रहे हैं। मोहल्ले की सभी बुज़ुर्ग महिलाएं अपनी-अपनी पूजा की टोकरी से रूई निकाल कर बाती बनाने में मग्न हैं। कोई अपनी पूरी दिनचर्या सुना रहा है तो कोई आनेवाले कल की बातें बता रहा है और कोई हर आने-जानेवाले को राम–राम कहते हुए मंदिर में अपनी हाजिरी दर्शा रहा है। बच्चे वहीं मंदिर के आस-पास खेलते हुए शोर मचा रहे हैं। मंदिर के बूढ़े पंडितजी, जिनकी कमर ज़रा झुकी हुई है, सदा किसी न किसी मंत्र का जाप करते रहते हैं और बीच-बीच में मंदिर में चल रही गतिविधियों पर नज़र भी रखे रहते हैं। अब भी उनका मंत्र जाप चल रहा है लेकिन अगर जरूरत पड़े तो वे किसी की खबर लेने में भी हिचकिचाते नहीं। 
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