मेरे अनुभव (Mere Anubhav)

मैंने इस blog के जरिये अपने जिन्दगी के कुछ अनुभवों को लिखने का प्रयत्न किया है

Monday, 30 April 2012

पैसों पर आधारित सपनों का घर ...

›
"इंसान की ख्वाइश की कोई इंतहा नहीं  दो गज़ ज़मीन चाहिए दो गज़ कफन के बाद"  यूं तो इंसान की ख्वाइशों का कोई अंत नहीं यह तो आपको ऊपर...
24 comments:
‹
›
Home
View web version

Pallavi saxena

My photo
Pune, India
मैं भोपाल की रहने वाली हूँ। मैंने अपनी सम्पूर्ण शिक्षा भोपाल में ही प्राप्त की। भोपाल के नूतन कालेज से बी.ए एवं अँग्रेज़ी साहित्य में एम.ए किया। एक साधारण सी गृहणी, 7 वर्ष लंदन में रहने के बाद 2014 में फिर अपने वतन भारत(पुणे) वापस आई हूँ। हिन्दी के सुप्रसिद्ध लेखक श्री मुंशी प्रेमचंद को बहुत पसंद करती हूँ। उनके लेखन की सरल भाषा को ध्यान में रखकर, उनसे प्रेरित होकर ही मैं अपने ब्लॉग की भाषा को भी सरल बनाकर लिखने का प्रयास करती हूँ, ताकि मेरे ब्लॉग को हर आयु, वर्ग का व्यक्ति आसानी से समझ सके। अपने इस ब्‍लॉग में मैं अपने जीवन के अनुभव प्रस्‍तुत कर रही हूँ।
Garbhanal
View my complete profile
Powered by Blogger.